दिल्ली पुलिस ने कहा- कन्हैया पर राजद्रोह का मुकदमा चलाने की अबतक मंजूरी नहीं मिली

 


दिल्ली पुलिस ने कहा- कन्हैया पर राजद्रोह का मुकदमा चलाने की अबतक मंजूरी नहीं मिली


दिल्ली पुलिस ने जेएनयू राजद्रोह मामले में बुधवार को दिल्ली की एक अदालत को बताया कि कन्हैया कुमार व अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए आवश्यक मंजूरी अब तक नहीं मिली है। इसके बाद दिल्ली की अदालत ने राज्य सरकार को तीन अप्रैल तक स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। अदालत ने पुलिस को दिल्ली सरकार से फिर से इजाजत मांगने को कहा है। 
 

मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट (सीएमएम) पुरुषोत्तम पाठक ने दिल्ली पुलिस को यह निर्देश भी दिया कि दिल्ली सरकार को कुमार पर अभियोजन के लिए जरूरी मंजूरी के बारे में याद दिलाया जाए। पुलिस ने कन्हैया कुमार और जेएनयू के पूर्व छात्रों उमर खालिद तथा अनिर्बान भट्टाचार्य समेत अन्य लोगों के खिलाफ अदालत में 14 जनवरी को आरोपपत्र दाखिल किया और कहा था कि उन्होंने 9 फरवरी, 2016 को परिसर में एक समारोह में लगाये गये देशद्रोह के नारों का समर्थन किया और जुलूस निकाला था ।

इसपर भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता ने ट्वीट कर आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि आप सरकार टुकड़े-टुकड़े गैंग को संरक्षण दे रही है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मेरी यही अपील है कि राष्ट्रवादी टैग लगाना केवल चुनाव के लिए उपयुक्त नहीं है, बल्कि आपके कार्यों को बोलने की आवश्यकता है। उन्होंने लिखा कि जेएनयू देशद्रोह मामले में कन्हैया कुमार और उनके साथियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए तत्काल मंजूरी दें।

इससे पहले दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के डीएसपी प्रमोद कुशवाहा अदालत के सामने पेश हुए थे। उन्होंने कहा था कि आरोपियों पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की इजाजत संबंधी फाइल दिल्ली सरकार के गृह विभाग के पास अभी भी लंबित है। सरकार को पत्र लिखकर जल्द इजाजत देने का आग्रह किया गया है।

 



क्या है मामला



दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने करीब तीन साल की जांच के बाद जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार, उमर खालिद व अनिर्बन भट्टाचार्य समेत 10 आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह व अन्य धाराओं में मुकदमा चलाने की सरकारी अनुमति के बिना 14 जनवरी 2019 को आरोप पत्र दाखिल किया था।

मामला संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की फांसी की बरसी पर जेएनयू कैंपस में 9 फरवरी 2016 की रात आयोजित कार्यक्रम से जुड़ा है। इस मामले में कन्हैया, उमर खालिद व अनिर्बन भट्टाचार्य को गिरफ्तार गया था और वह फिलहाल जमानत पर हैं। 

इनके अलावा आरोप पत्र में सात कश्मीरी छात्रों मुजीब हुसैन, मुनीब हुसैन, आकिब हुसैन, रईस, बशारत, उमर गुल, खालिद बशीर को भी नामजद किया गया है। इन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया था।