दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल प्रोजेक्ट पकड़ेगा रफ्तार, जल्द मिलेगी डिपो की जमीन

 


दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल प्रोजेक्ट पकड़ेगा रफ्तार, जल्द मिलेगी डिपो की जमीन



सार



  • केंद्र के बाद यूपी सरकार के बजट में रैपिड रेल के लिए 900 करोड़ का प्रावधान

  • मार्च 2023 में शुरू होगा साहिबाबाद से दुहाई तक का पहला 17 किमी का सेक्शन

  • फंड मिलने से किसानों से जमीन खरीद की प्रक्रिया जल्द होगी पूरी 

  • प्रोजेक्ट में 50 फीसदी अंशदान देगी भारत सरकार



 

विस्तार


दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ तक प्रस्तावित रैपिड रेल कॉरिडोर समय से पूरा होने की उम्मीद सिरे चढ़ रही है। केंद्र सरकार के बाद अब रैपिड रेल प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश सरकार ने बजट में 900 करोड़ की धनराशि देने का प्रावधान किया है। इससे पहले केंद्र सरकार ने बजट में रैपिड रेल के लिए 2487 करोड़ देने घोषणा की थी।
 

केंद्र व राज्य सरकार से फंड मिलने से अब दुहाई में प्रस्तावित रैपिड रेल कॉरिडोर के डिपो के लिए जमीन खरीदने की प्रक्रिया जल्द पूरी हो जाएगी। दुहाई के साथ भिक्कनपुर, बसंतपुर सैंतली में डिपो के लिए 67.0523 हेक्टेयर जमीन खरीदने के लिए किसानों से कई दौर की वार्ता हो चुकी है।

किसानों से बातचीत व उनकी मांगों पर निर्णय होने के बाद मार्च तक डिपो की जमीन मिलने की संभावना जताई जा रही है। दिल्ली से मेरठ के 82 किमी लंबे आरआरटीएस कॉरिडोर पर कुल 39274 करोड़ खर्च होना है। प्रोजेक्ट में 50 फीसदी अंशदान भारत सरकार, 12.5 फीसदी अंशदान उत्तर प्रदेश सरकार, 12.5 फीसदी अंशदान हरियाणा सरकार और 12.5 फीसदी अंशदान राजस्थान सरकार का है। पहले सेक्शन में गुलधर के पास वेयरहाउस हब और दुहाई के पास कमर्शियल ऑफिस हब प्रस्तावित है।

मार्च 2023 तक शुरू होगा 17 किमी लंबा पहला सेक्शन
एनसीआरटीसी को रैपिड रेल कॉरिडोर में 17 किमी लंबे साहिबाबाद से दुहाई स्टेशन तक का सेक्शन मार्च 2023 तक शुरू करना है। इस सेक्शन में साहिबाबाद से दुहाई के बीच 200 पिलर्स की पाइलिंग का काम पूरा हो चुका है। दुहाई से मोदीनगर के बीच सड़क को बीच-बीच में कवर कर निर्माण शुरू कर दिया गया है।
 


 


मेरठ तिराहे पर बनने वाले प्रस्तावित जंक्शन पर काम तेज गति से जारी है। दूसरी ओर कई प्रमुख एचटी लाइन को शिफ्ट करने का काम पूरा हो चुका है। ट्रेन की बोगी को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टेंडर मांगने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

गाजियाबाद में होंगे कुल सात स्टेशन
एनसीआरटीसी को गाजियाबाद में प्रस्तावित सात स्टेशनों का निर्माण करीब 2.50 लाख वर्ग मीटर जमीन पर होगा। दुहाई में 32108 वर्ग मीटर, गुलधर में 27064 वर्ग मीटर, गाजियाबाद में 27719, साहिबाबाद में 34921 वर्ग मीटर, मुरादनगर में 38214 वर्ग मीटर, मोदीनगर साउथ में 45087 वर्ग मीटर और मोदीनगर नॉर्थ में 48887 वर्ग मीटर जमीन स्टेशन बनेंगे। एनसीआरटीसी को कुछ स्टेशनों की जमीन मिल गई है तो कुछ में जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया आखिरी चरण में है।